सोना और चांदी लंबे समय से सुरक्षित निवेश (Safe Haven Assets) माने जाते हैं। जब शेयर बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक आमतौर पर इन कीमती धातुओं की ओर रुख करते हैं। लेकिन सोमवार को निवेशकों को बड़ा झटका लगा, जब Gold ETF और Silver ETF में भारी गिरावट देखने को मिली।
Gold ETF करीब 3% तक टूट गए, जबकि Silver ETF में 6% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। यह हालिया समय की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है।
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आई तेज कमजोरी रही।
अमेरिका से आए मजबूत आर्थिक आंकड़ों और रोजगार (Jobs) डेटा के बाद यह उम्मीद बढ़ गई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। इससे डॉलर मजबूत हुआ और कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया।
Silver ETF में Gold ETF की तुलना में ज्यादा गिरावट देखने को मिली क्योंकि चांदी की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक दबाव रहा।
चांदी का उपयोग केवल निवेश के लिए ही नहीं बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है। इसलिए वैश्विक आर्थिक गतिविधियों और मांग में बदलाव का असर चांदी पर अधिक दिखाई देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गिरावटें कमोडिटी बाजार में सामान्य हैं। निवेशकों को घबराकर फैसले लेने से बचना चाहिए और अपने निवेश लक्ष्यों के अनुसार रणनीति बनानी चाहिए।
ध्यान रखने योग्य बातें:
आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर इन प्रमुख फैक्टर्स पर रहेगी:
इन सभी कारकों का सीधा असर सोने, चांदी और उनसे जुड़े ETFs पर पड़ सकता है।
सोमवार को Gold ETF और Silver ETF में आई बड़ी गिरावट ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंताओं ने कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बनाया है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ऐसी गिरावटें अवसर भी साबित हो सकती हैं, बशर्ते निवेश सोच-समझकर किया जाए।