भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक तनाव और मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध जैसे हालात के कारण बाजार में तेज बिकवाली हुई। सेंसेक्स एक समय 2,700 अंकों तक टूट गया, जबकि निफ्टी 24,700 के नीचे फिसल गया।
निवेशकों के करीब ₹8 लाख करोड़ रुपये डूब गए, जिससे बाजार में डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया।
अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इससे वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने (Risk-Off) का माहौल बन गया।
मिडिल ईस्ट तेल उत्पादन का बड़ा केंद्र है। तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं, जिससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश पर दबाव बढ़ा।
डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण रुपया भी दबाव में रहा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार बिकवाली की, जिससे बाजार में गिरावट और तेज हो गई।
🔻 ऑयल & गैस, रियल्टी, बैंकिंग और कंजम्प्शन सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट रही।
🟢 मेटल सेक्टर ने थोड़ी मजबूती दिखाई और बाकी बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया।
S&P 500 फ्यूचर्स में गिरावट
TOPIX 1.5% नीचे
Hang Seng Index में 1.8% की गिरावट
दुनिया भर के बाजारों में बिकवाली का दबाव साफ नजर आया।
ऐसे समय में घबराकर फैसले लेना नुकसानदायक हो सकता है।
✔️ स्टॉप लॉस का पालन करें
✔️ बिना रिसर्च के ट्रेडिंग न करें
✔️ लॉन्ग टर्म निवेशक घबराएं नहीं
✔️ मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर नजर रखें
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भारतीय शेयर बाजार को झटका दिया है। हालांकि शॉर्ट टर्म में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन इतिहास गवाह है कि बाजार समय के साथ रिकवर करता है।