भारत की तेजी से बढ़ती क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास Updated Draft Red Herring Prospectus (UDRHP) दाखिल कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Zepto का IPO ₹9,000 करोड़ से ₹10,000 करोड़ के बीच का हो सकता है, जो हाल के वर्षों के सबसे चर्चित टेक IPOs में से एक माना जा रहा है।
इस IPO की खास बात यह है कि कंपनी के संस्थापक (Founders) अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे। ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत मौजूदा निवेशक अपने शेयर बेचेंगे।
यह OFS निवेशकों को आंशिक एग्जिट का अवसर प्रदान करेगा।
Zepto ने पिछले कुछ वर्षों में अपने बिजनेस का तेजी से विस्तार किया है। कंपनी देशभर में क्विक डिलीवरी मॉडल के जरिए ग्राहकों को मिनटों में ग्रॉसरी और दैनिक उपयोग के उत्पाद उपलब्ध कराती है।
यह आंकड़े कंपनी की मजबूत ग्रोथ को दर्शाते हैं।
मार्च 2026 तिमाही में भी कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया।
कंपनी के बढ़ते ऑर्डर वॉल्यूम और मजबूत ग्राहक आधार ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है।
हालांकि Zepto का राजस्व तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन कंपनी अभी भी लाभ (Profitability) से काफी दूर है। निवेशकों की नजर IPO से पहले कंपनी के घाटे, कैश फ्लो और भविष्य की लाभप्रदता पर रहेगी।
क्विक कॉमर्स सेक्टर में प्रतिस्पर्धा भी काफी तेज है, जहां Zepto का मुकाबला Blinkit, Instamart और अन्य बड़े खिलाड़ियों से है।
Zepto का IPO भारतीय स्टार्टअप और टेक सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण घटना साबित हो सकता है। मजबूत ग्रोथ, बढ़ते ऑर्डर और बाजार में मजबूत ब्रांड उपस्थिति इसे आकर्षक बनाते हैं, लेकिन निवेशकों को कंपनी की लाभप्रदता और प्रतिस्पर्धी जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए।
SEBI के पास UDRHP फाइल करने के साथ Zepto ने अपने IPO की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है। ₹9,000-10,000 करोड़ का संभावित इश्यू बाजार में काफी उत्साह पैदा कर रहा है। आने वाले महीनों में निवेशकों की नजर IPO की तारीख, वैल्यूएशन और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर रहेगी।